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योगी आदित्यनाथ -एक परिचय (सन्यासी से मुख्यमंत्री)

योगी आदित्यनाथ अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने वाले हैं। इस खबर से देश के बहुत से लोग खुशियाँ मना रहे हैं और कुछ लोग कुछ करने के लायक ही नही रहे। योगी आदित्यनाथ हमेशा हिदुत्व के पछधर रहे हैं। और इस बार बीजेपी के स्टार प्रचारक भी रहे हैं। उनके बारे में कुछ ऐसी बाते बताने जा रहा हूँ जो शायद आपको ना पता हो। योगी का अ सली नाम  अजय सिंह नेगी है।  १९९४ में  दीक्षांत समारोह के बाद अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ बने। इनका जन्म स्थान श्रीनगर उत्तराखंड है।  आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं।  उनके बाद मंदिर के महंत यही हैं।  आदित्यनाथ ने math से स्नातक किया है।  १९९८ से गोरखपुर में चुनाव जीत रहे हैं।  ७ सितम्बर २००८ को हमले में ये बाल बाल बचे थे और ये हमला इतना बड़ा था की हमलावरों ने १०० वाहनों को घेर लिया था।  १९९३ में आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर गए थे।  योगी अपने पिता की जगह  महन्त अवैद्यनाथ जी का नाम लिखते हैं।  आदित्यनाथ को बैडमिंटन और तैरना पसंद है।  योगी की लंबाई ५'४" है...

जावेद अख्तर ,गीता फोगाट और गुलमेहर

जावेद अख्तर के लिए देश के नायक केवल फिल्मो में काम करने वाले हैं उनके लिए देश के खिलाडी और देश के लिए मरने वालो की कोई इज़्ज़त नही। जब उन्होंने लछ्य जैसी फिल्मो में डायलॉग लिखे तो उनके दिमाग में केवल पैसा था या कुछ और। क्या जावेद जी को ये पता है की देश के लिए मैडल लाने में कितनी मेहनत करनी पड़ती है। देश के लिए मैडल लाना कॉलेज में जाकर डिग्री करने से बहुत कठीन काम है। कॉलेज में बहुत से लोग एक साथ सफल होते हैं और मैडल केवल और केवल ३ लोगो को ही मिलता है और सोना केवल १ को ही मिलता है। क्या ये सब जावेद जी को कोई बताएगा। किसी को अनपढ़ कहने से पहले अपनी डिग्री बताये और ये भी बताये की देश के बाहर कितने लोगो से आजतक मुकाबला कर चुके हैं या कभी हिम्मत नहीं दिखाई?????                   गुलमेहर जी हम आपके साथ हैं मगर युद्ध का विरोध करना ठीक है पर आपको ये भी पता होना चाहिए की पाकिस्तान कैसा देश है और वो हमारे देश में अशांति फ़ैलाने के लिए क्या क्या करता है।  आपकी बात ऐसी थी की जैसे आपको आपकी पढ़ाई ने नही परीछा ने पास किया। अगर एग्जाम नही होते तो आप पास...

मोदी का मुख्यमंत्री प्रेम -भक्त दूर ही रहें तो अच्छा है

देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब देश का प्रधानमंत्री एक राज्य का मुख्यमंत्री बनने की होड़ में लगा हुआ है। ऐसा किसी  और देश नही हमारे  देश भारत में हो रहा हैं। जहा प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी देश का कामकाज छोड़कर यूपी में चुनाव प्रचार कर रहे हैं और ऐसा वो खुद कहते हैं की अखिलेश मायावती मोदी से डरते हैं। अब ये तो डरेंगे ही क्योकि जब प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री की दौड़ में जो है। मुझे आजतक ये समझ नहीं आया की भारतीय जनता पार्टी में मोदी के अलावा दूसरा नेता क्यों नही है शायद इसलिए क्योकि मोदी के अलावा कोई दूसरा नेता हो ही ना और भा. ज. पा. को लग रहा है की ये नेता चल गया चलने दो और कोई आया तो कही कुछ गलत ना हो जाये। अब ऐसी डरपोक पार्टी के बाकी नेता तो किसी काम के ही नही होंगे। अगर मोदी मुख्यमंत्री बनते हैं तो कुछ ठीक नही तो उत्तर प्रदेश का बंटाधार समझिए।                अब जरा मुख्यमंत्री मोदी और अखिलेश मुख्यमंत्री पे नजर डाल ले। मोदी ने १० साल के गुजरात के कार्यकाल में केवल हाईवे के ही काम कराये जो की पैसे केंद्र से आते हैं। अब...

Miley Cyrus ने लक्ष्मी पूजन किया

Miley cyrus जो की एक विदेशी पॉप गायिका हैं उन्होंने कल इंस्टाग्राम पे एक फोटो शेयर की है जिसमे वो लक्ष्मी जी की स्थापना करके फलो की थाली सजा कर लक्ष्मी पूजन कर  रही हैं। ऐसा लग रहा है जैसे की किसी भारतीय के घर का चित्र हो। लक्ष्मी जो की धन और सम्पन्नता की देवी हैं हमारे यहा तो हर घर में पूजनीय हैं। परंतु एक २४ साल की प्रसिद्ध पॉप गायिका जो की अपनी गायकी और पहनावे के लिए जनि जाती हैं। जब ऐसा करती हैं तो एक गर्व महसूस होता है की हमारी संस्कृति कितनी विशाल है।                    यहाँ पर ये एक पब्लिसिटी स्टंट या भारतीयों के दिल में जगह बनाने का प्रयास भी कहा जा सकता है। हो भी सकता है ऐसा हो पर वो एक स्थापित गायिका हैं और उनका ऐसा करना भारतीयों को गर्व कराएगा।  उनकी फोटो देखे                                                    Follow  - Instagram   @follow

Social Trade क्या पैसा वापस मिलेगा और कितना मिलेगा

एक २६ साल के B.Tech  स्नातक (Graduate ) ने एक ४० साल के M.B.A  परास्नातक के साथ मिलकर ६ लाख लोगो से ३७०० करोड़ रुपयो की ठगी की। और इसमें उनका साथ दिया बड़ी बड़ी  कंपनियों में काम करने वाले बुद्धिजीवी लोगो ने। मैं ऐसा इसलिए कहा क्योकि जो लोग भी शुरूआत में ऐसी कंपनी से जुड़ते है उन्हें पता होता है की कंपनी भागने वाली है और  अगर वो अभी जुड़ते है तो उनके पैसे कई गुना हो जायेंगे। क्योकि ऐसी कंपनी लाख लोगों से कम में नही मानती हैं। तबतक तो शुरुवात वाले लोगो के पैसे कई गुना  हो जाते हैं।            अब ये बताइये Speak Asia जो की आज से कई साल पहले आयी थी वो जब २२०० करोड़ लेकर गयी तो क्या ये कंपनी उससे कम में रुकेगी। और इस कंपनी का साथ भी बड़े बड़े पदों पे काम करने वाले लोगो ने दिया। मैं बाकी लोगो की बात इसलिए कर रहा हूँ क्योकि शुरुवात के ६०%  लोगो से अगर आप पूछोगे की कंपनी कैसी है तो वो यही कहते हैं की कंपनी भागेगी ये तो पक्का है पर तबतक वो बहुत पैसे काम लेंगें। फसते तो वो लोग है जो बाद में जुड़ते हैं या जो उनपर भरोसा करके अपनी मेहनत की कमा...

अगर आप सिंगल हैं तो वैलेंटाइन डे पे कुछ खास है आपके लिए

     वैसे तो वैलेंटाइन डे के दिन सभी जाना चाहते हैं अपने वैलेंटाइन के साथ। लेकिन अगर आप सिंगल भी है तो कोई प्रॉब्लम नही हैं आपके लिए भी है एक डे।  १४ February को आप सिंगल अवेयरनेस डे मना सकते हैं। इसमें आप अपने सभी सिंगल दोस्तों के साथ मिलकर कही पार्टी कर सकते हैं। यहां कोई रोक टोक नही होगी आप जैसे चाहे वैसे जा सकते हैं।  अपने पसंद की जगह और पसंद का खाना खा सकते हैं।  और भीड़ से अगल पहचान बना सकते हैं। अब देखिये वैलेंटाइन डे पे क्या होता हैं। १ करोड़ वैलेंटाइन कार्ड आपस में बदले जायेंगे। ७३% पुरुष और २७ % स्त्रियां कार्ड खरीदेंगे। इससे पता चलता है की लड़के वैलेंटाइन डे के दिन ही प्रोपोज़ करते हैं। और  प्रोपोज़ करने के पहले की टेंशन से भी बच जायेंगे या बच जाएँगी। ब्रिटेन के राजा हेनरी VII ने तो १५३७ में १४ फरवरी को संत वैलेंटाइन डे के लिए हॉलिडे भी कर दिया था। क्या आपको पता है ये मनाते क्यों हैं।  इसकी भी एक कहानी हैं। क्लाउडिस दूतीय ये नही चाहते थे की रोमन सैनिक युद्ध के समय विवाह करे परंतु सन्त वैलेंटाइन ने चोरी चोरी कई शादिया करा दी। इसके ...

26 जनवरी - कुछ रोचक जानकारी

२६ जनवरी वो तारीख है जब हमारे देश का संविधान लागू किया गया था।  इस दिन हम भारतवासी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते है। मैं यहाँ पे कुछ बातें बताऊंगा जिसपर हमारा ध्यान कम जाता है। हम २६ जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मानते हैं। १९२६ को कांग्रेस के अधिवेशन में ये प्रस्ताव पारित किया गया था की अगर २६ जनवरी १९३० तक अंग्रेज सरकार भारत को उपनिवेश का पद नही प्रदान करेगी तो भारत को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया जायेगा। परन्तु अंग्रेजो ने कुछ नही किया तब से १९४७ तक हर वर्ष २६ जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मानते रहे। और हम सोच रहे थे की आजादी की लड़ाई बहुत समय से चल रही थी। हमारा देश १५ अगस्त को स्वतंत्र हुआ तो इस दिन का मान रखने के लिए २६ जनवरी १९५० को संविधान लागू किया गया और गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।  हमारा संविधान २६ नवम्बर १९४९ को ही संविधान सभा ने अपना लिया था। संविधान बनाने में २ वर्ष ११ महीने और १८ दिन लग गए थे। इसमें ४६५ अनुच्छेद और १२ अनुसूचिया हैं। ये दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।  जबकि ब्रिटेन का संविधान लिखित ही नही है।  भारत का संव...