सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

तीन तलाख बंद होने के बाद के हालत

तीन तलाख को जैसे ही उच्चतम न्यायालय ने अवैध घोषित  किया है एक विशेष धर्म के लोगो के अंदर अब बेचैनी सी होने लगी है।  आइये इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में जानते हैं।
१-फतवा जज के ऊपर -
  • आज के बाद कोई भी जज काला  कोट नहीं पहनेंगे वो रंग हमारी महिलाओ का है। 
  • उच्चतम न्यायालय के आदेश को न माना जाये ये धर्म विरोधी है। 
  • जज आज के बाद केवल टिंडे की सब्जी खाएंगे। 
  • जज अबसे तीन बार नहाएंगे 
अब कुछ ऐसे ही उल जलूल फतवे सुनने को मिलेंगे। 
२-घर का माहौल -

पति बेगम से अजी आज खाने में क्या बनेगा तो बेगम भी कहेंगी जो मन हो बना लो अब तो मोदी हमारे साथ हैं। 
शौहर  के तलाख  तलाख  तलाख  तलाख  ३ बार बोलने पे अब कोई रोने के बजाय खुब  हॅसेगा। क्या मस्त जोक मारा है। 
अब तो बेगम कितनी भी शॉपिंग करे शोहर बेचारा देखता ही रहेगा ये क्या हुआ कैसे हुआ। 

सब जगह का माहौल -
चचा - क्या हुआ 
भतीजा - क्या बताये बेगम ने आज खाना नहीं दिया। 
चचा- तो दे दो तलाख तुम अबतक कैसे रुके हो हमने तो तुम्हारी तीसरी चची जान को खाने में नमक नहीं देने के लिए तलाख  दे दिया था। और तुम्हे तो खाना नहीं मिला। 
भतीजा :अरे चाचा वो ज़माने गए जब ताकत हाथ में भी नहीं थी आज फूल में है। अब हमारी महिलाओँ को भी बराबरी का हक़ मिल गया है। 


और आप भी बताइये क्या माहौल चल रहा है आपके आस पास ?

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अगर आप सिंगल हैं तो वैलेंटाइन डे पे कुछ खास है आपके लिए

     वैसे तो वैलेंटाइन डे के दिन सभी जाना चाहते हैं अपने वैलेंटाइन के साथ। लेकिन अगर आप सिंगल भी है तो कोई प्रॉब्लम नही हैं आपके लिए भी है एक डे।  १४ February को आप सिंगल अवेयरनेस डे मना सकते हैं। इसमें आप अपने सभी सिंगल दोस्तों के साथ मिलकर कही पार्टी कर सकते हैं। यहां कोई रोक टोक नही होगी आप जैसे चाहे वैसे जा सकते हैं।  अपने पसंद की जगह और पसंद का खाना खा सकते हैं।  और भीड़ से अगल पहचान बना सकते हैं। अब देखिये वैलेंटाइन डे पे क्या होता हैं। १ करोड़ वैलेंटाइन कार्ड आपस में बदले जायेंगे। ७३% पुरुष और २७ % स्त्रियां कार्ड खरीदेंगे। इससे पता चलता है की लड़के वैलेंटाइन डे के दिन ही प्रोपोज़ करते हैं। और  प्रोपोज़ करने के पहले की टेंशन से भी बच जायेंगे या बच जाएँगी। ब्रिटेन के राजा हेनरी VII ने तो १५३७ में १४ फरवरी को संत वैलेंटाइन डे के लिए हॉलिडे भी कर दिया था। क्या आपको पता है ये मनाते क्यों हैं।  इसकी भी एक कहानी हैं। क्लाउडिस दूतीय ये नही चाहते थे की रोमन सैनिक युद्ध के समय विवाह करे परंतु सन्त वैलेंटाइन ने चोरी चोरी कई शादिया करा दी। इसके ...

जनता तो आरंभ से ही विरोध में थी। आप बाद में आये।

जनता तो आरंभ से ही  विरोध में थी। आप बाद में आये। आपको ये शीर्षक कुछ अटपटा सा लग रहा होगा। परन्तु  ये सत्य है और ये बात आज मुझे मेरी मित्र से बात करते हुए ही आभास  हुआ। अब मेरे कुछ मित्र जिन्हें भक्त भी कहते है वो ये कहते हैं की साठ साल तक किसी ने कुछ नही बोला , बोला था भाई और बहुत बोला था।  आप उस समय सुन नही रहे थे या आपको पता नही चला। और कुछ युवराज के भक्त कहते है जो भी किया हमने किया। अब मै ज्यादा  बात न करते हुए सीधे मुद्दे पे आता हूँ। जब देश आजाद हुआ तब कांग्रेस के प्रेसीडेंट के लिए १५ में से १२ प्रदेश कांग्रेस ने सरदार वल्लभ भाई का नाम दिया था ३ ने किसी का नाम नही दिया था। परन्तु गाँधी जी ने नेहरू की तरफदारी की थी और अपनी इच्छा  जता चुके थे फिर भी किसी ने नेहरू का नाम नही दिया। अंतिम दिन जे. बी. कृपलानी ने नेहरू को नामित किया।   वल्लभ भाई पटेल ने अपना नाम वापस लेकर नेहरू को प्रधानमंत्री बनने दिया क्योकि वो ७१ वर्ष के हो गए थे और कार्यालय में बैठने के बजाए देश की सेवा करना चाहते थे ।  नेहरू ५६ वर्ष के थे तो वो कुछ अधिक समय तक सेवा कर ...

What is Nudge Theory With Example

आप सभी ने आज भारत के आर्थिक सर्वेक्षण तो देख ही लिया होगा जिसमें बताया गया है कि भारत की अर्थवयवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर की होने वाली है अलगे 5 वर्षों में । अब ये कैसे होगी उसमे एक ऐ...